Maths Ke Important Formulas: Basic Se Competitive Exams Tak Complete Guide

गणित में कई सवाल ऐसे होते हैं जिन्हें लंबे तरीके से हल करने के बजाय सही सूत्र की मदद से आसानी से हल किया जा सकता है। इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते समय प्रतिशत, लाभ-हानि, औसत, क्षेत्रफल, गति, समय, ब्याज और घन जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक के जरूरी सूत्रों को समझना और याद रखना काफी फायदेमंद होता है।

हालांकि, गणित के सूत्रों को केवल रटने के बजाय उनकी ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करनी चाहिए। जब भी कोई प्रश्न हल करें, उसमें इस्तेमाल होने वाला सूत्र जरूर लिखें। ऐसा करने से सूत्र बार-बार दोहराए जाते हैं और धीरे-धीरे आसानी से याद हो जाते हैं। इस तरह आपको सूत्रों को अलग से रटने की जरूरत नहीं पड़ती और सवाल हल करने की स्पीड भी बेहतर होती है।

प्रतिशत के महत्वपूर्ण सूत्र

प्रतिशत किसी राशि या संख्या के 100 में से भाग को दर्शाता है। प्रतिशत निकालने के लिए प्राप्त मान को कुल मान से भाग देकर 100 से गुणा किया जाता है। किसी संख्या का निश्चित प्रतिशत निकालने के लिए संख्या को प्रतिशत से गुणा करके 100 से भाग दिया जाता है। प्रतिशत में वृद्धि या कमी ज्ञात करने के लिए पुराने और नए मान के अंतर को पुराने मान से भाग देकर 100 से गुणा किया जाता है।

सूत्र:
प्रतिशत = (प्राप्त मान ÷ कुल मान) × 100
किसी संख्या का x% = (संख्या × x) ÷ 100
प्रतिशत वृद्धि/कमी = (वृद्धि/कमी÷ पुराना मान) × 100

उदाहरण:
एक परीक्षा में कुल 500 अंक हैं और किसी विद्यार्थी ने 400 अंक प्राप्त किए।
प्रतिशत = (400 ÷ 500) × 100 = 80%

लाभ और हानि के सूत्र

जब किसी वस्तु को उसके क्रय मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचा जाता है, तो लाभ होता है और कम मूल्य पर बेचने पर हानि होती है। लाभ या हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य के आधार पर निकाला जाता है।

सूत्र:
लाभ = विक्रय मूल्य − क्रय मूल्य
हानि = क्रय मूल्य − विक्रय मूल्य
लाभ प्रतिशत = (लाभ ÷ क्रय मूल्य) × 100
हानि प्रतिशत = (हानि ÷ क्रय मूल्य) × 100

उदाहरण:
एक वस्तु का क्रय मूल्य ₹500 और विक्रय मूल्य ₹600 है।
लाभ = 600 − 500 = ₹100
लाभ प्रतिशत = (100 ÷ 500) × 100 = 20%

साधारण ब्याज के सूत्र

साधारण ब्याज में ब्याज केवल मूलधन पर लगाया जाता है। साधारण ब्याज ज्ञात करने के लिए मूलधन, ब्याज दर और समय का गुणनफल करके 100 से भाग दिया जाता है। मूलधन और ब्याज को जोड़ने पर कुल राशि प्राप्त होती है।

सूत्र:
साधारण ब्याज = (मूलधन × दर × समय) ÷ 100
कुल राशि = मूलधन + साधारण ब्याज

उदाहरण:
₹5,000 पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का साधारण ब्याज:
साधारण ब्याज = (5000 × 10 × 2) ÷ 100 = ₹1,000
कुल राशि = 5000 + 1000 = ₹6,000

चक्रवृद्धि ब्याज के सूत्र

चक्रवृद्धि ब्याज में ब्याज मूलधन के साथ जुड़ता जाता है और अगली अवधि में उस पर भी ब्याज मिलता है। चक्रवृद्धि राशि निकालने के लिए मूलधन को ब्याज दर के अनुसार निर्धारित घात से गुणा किया जाता है।

सूत्र:
A = P(1 + R/100)ⁿ
चक्रवृद्धि ब्याज = A − P

जहाँ P = मूलधन, R = ब्याज दर, n = समय और A = कुल राशि।

उदाहरण:
₹10,000 पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज:
A = 10000(1 + 10/100)² = ₹12,100
चक्रवृद्धि ब्याज = 12100 − 10000 = ₹2,100

औसत के महत्वपूर्ण सूत्र

औसत कई संख्याओं के कुल योग को उन संख्याओं की कुल संख्या से भाग देने पर प्राप्त होता है। यदि औसत और संख्याओं की संख्या ज्ञात हो, तो दोनों का गुणन करके कुल योग निकाला जा सकता है।

सूत्र:
औसत = सभी मानों का योग ÷ मानों की संख्या
कुल योग = औसत × मानों की संख्या

उदाहरण:
10, 20, 30, 40 और 50 का औसत:
औसत = (10 + 20 + 30 + 40 + 50) ÷ 5 = 30

अनुपात और समानुपात के सूत्र

दो राशियों की तुलना अनुपात द्वारा की जाती है। यदि दो अनुपात बराबर हों, तो उन्हें समानुपात कहते हैं। समानुपात में क्रॉस गुणन का नियम बहुत उपयोगी होता है।

सूत्र:
a : b = a/b
यदि a : b = c : d, तो a × d = b × c

उदाहरण:
यदि 2 : 3 = x : 12, तो
2 × 12 = 3 × x
x = 24 ÷ 3 = 8

समय, चाल और दूरी के सूत्र

चाल, दूरी और समय एक-दूसरे से संबंधित होते हैं। किसी वस्तु की चाल दूरी को समय से भाग देने पर प्राप्त होती है। इसी सूत्र से दूरी और समय भी आसानी से निकाले जा सकते हैं।

सूत्र:
चाल = दूरी ÷ समय
दूरी = चाल × समय
समय = दूरी ÷ चाल

note- चाल को km/h में बदलने के लिए 18/5 से गुना करते है और चाल को m/s में बदलने के किया 5/18 से गुणा करते है

m/s → km/h = × 18/5

km/h → m/s = × 5/18

उदाहरण:
एक कार 60 किमी/घंटा की चाल से 3 घंटे चलती है।
दूरी = 60 × 3 = 180 किमी

कार्य और समय के सूत्र

यदि कोई व्यक्ति किसी काम को निश्चित दिनों में पूरा करता है, तो उसके द्वारा एक दिन में किया गया काम कुल काम का 1/x भाग माना जाता है। कई व्यक्ति साथ मिलकर काम करें तो उनकी एक दिन की कार्य-दर को जोड़कर कुल कार्य-दर प्राप्त की जाती है।

सूत्र:
यदि काम x दिनों में पूरा हो, तो 1 दिन का काम = 1/x
साथ में काम करने पर कुल कार्य-दर = सभी की कार्य-दर का योग

उदाहरण:
A किसी काम को 10 दिनों में और B उसी काम को 15 दिनों में करता है।
A का 1 दिन का काम = 1/10
B का 1 दिन का काम = 1/15
दोनों का 1 दिन का काम = 1/10 + 1/15 = 1/6
अतः दोनों मिलकर काम 6 दिनों में पूरा करेंगे।

या

A B

10 15
total work 30

कार्यक्षमता = 3 : 2
दोनों को लगा समय = कुल कार्य / दोनों की कुल कार्य क्षमता
=30/5=6 दिन

क्षेत्रफल के महत्वपूर्ण सूत्र

किसी समतल आकृति के अंदर के भाग को क्षेत्रफल कहा जाता है। अलग-अलग आकृतियों के क्षेत्रफल के लिए अलग-अलग सूत्र होते हैं। आयत और वर्ग में लंबाई, चौड़ाई तथा भुजा का उपयोग किया जाता है, जबकि त्रिभुज और वृत्त के लिए उनके विशेष सूत्र होते हैं।

  • सूत्र:
    आयत का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई
    वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा × भुजा
    त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × आधार × ऊंचाई
  • समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल =(b/4) × √(4a² − b²) अगर a बराबर भुजा और b आधार है:
    वृत्त का क्षेत्रफल = πr²
  • अर्धवृत का क्षेत्रफल =1/2 × πr²
  • चारो दीवारों का क्षेत्रफल = 2(लंबाई + चौड़ाई) × ऊँचाई

उदाहरण:
एक आयत की लंबाई 10 सेमी और चौड़ाई 5 सेमी है।
क्षेत्रफल =लंबाई × चौड़ाई

10 × 5 = 50 वर्ग सेमी

परिमाप के महत्वपूर्ण सूत्र

किसी बंद आकृति की बाहरी सीमा की कुल लंबाई को परिमाप कहते हैं। आयत और वर्ग के परिमाप के लिए उनकी भुजाओं की लंबाइयों का उपयोग किया जाता है। वृत्त की बाहरी सीमा को परिधि कहा जाता है।

सूत्र:
आयत का परिमाप = 2(लंबाई + चौड़ाई)
वर्ग का परिमाप = 4 × भुजा
वृत्त की परिधि = 2πr

उदाहरण:
एक वर्ग की भुजा 8 सेमी है।
परिमाप = 4 × 8 = 32 सेमी

बीजगणित के महत्वपूर्ण सूत्र

बीजगणित में सर्वसमिकाएँ गणना को आसान बनाने के लिए बहुत उपयोगी होती हैं। इन सूत्रों का प्रयोग प्रतियोगी परीक्षाओं में समीकरणों और संख्यात्मक प्रश्नों को जल्दी हल करने के लिए किया जाता है।

सूत्र:
(a + b)² = a² + 2ab + b²
(a − b)² = a² − 2ab + b²
a² − b² = (a + b)(a − b) (a+b+c)2=a2+b2+c2+2ab+2bc+2ca (a+b+c)3=a3+b3+c3+3(a+b)(b+c)(c+a) विस्तृत रूप: (a+b+c)3=a3+b3+c3+3a2b+3a2c+3b2a+3b2c+3c2a+3c2b+6abc

उदाहरण:
यदि a = 5 और b = 3, तो
(a + b)² = (5 + 3)² = 8² = 64
सूत्र से: 25 + 30 + 9 = 64

घन और घनमूल से जुड़े सूत्र

किसी संख्या को स्वयं से तीन बार गुणा करने पर उसका घन प्राप्त होता है। घन से संबंधित सर्वसमिकाएँ भी गणित में बहुत महत्वपूर्ण हैं और इनका प्रयोग बड़ी गणनाओं को सरल बनाने में किया जाता है।

सूत्र:
a³ = a × a × a
(a + b)³ = a³ + 3a²b + 3ab² + b³
(a − b)³ = a³ − 3a²b + 3ab² − b³

उदाहरण:
5 का घन = 5 × 5 × 5 = 125

संख्या पद्धति के जरूरी नियम

संख्या पद्धति में सम और विषम संख्याओं की पहचान तथा HCF और LCM से जुड़े नियम बहुत महत्वपूर्ण हैं। सम संख्या 2 से पूरी तरह विभाजित होती है, जबकि विषम संख्या को 2 से विभाजित करने पर शेषफल 1 आता है। दो संख्याओं के लिए HCF और LCM का संबंध भी प्रश्नों को हल करने में उपयोगी होता है।

सूत्र/नियम:
सम संख्या ÷ 2 → शेषफल 0
विषम संख्या ÷ 2 → शेषफल 1
HCF × LCM = पहली संख्या × दूसरी संख्या

उदाहरण:
संख्या 12 और 18 का HCF = 6 तथा LCM = 36
HCF × LCM = 6 × 36 = 216
12 × 18 = 216

एक नजर में जरूरी Maths Formulas

टॉपिकमहत्वपूर्ण सूत्र
प्रतिशत(प्राप्त मान ÷ कुल मान) × 100
लाभविक्रय मूल्य − क्रय मूल्य
हानिक्रय मूल्य − विक्रय मूल्य
औसतकुल योग ÷ कुल संख्या
या
राशियों का योग ÷ राशियों की संख्या
चालदूरी ÷ समय
दूरीचाल × समय
समयदूरी ÷ चाल
साधारण ब्याज(मूलधन × दर × समय) ÷ 100
आयत का क्षेत्रफललंबाई × चौड़ाई
वर्ग का क्षेत्रफलभुजा²
त्रिभुज का क्षेत्रफल½ × आधार × ऊंचाई
वृत्त का क्षेत्रफलπr²
वृत्त की परिधि2πr
वर्ग का परिमाप4 × भुजा
आयत का परिमाप2(लंबाई + चौड़ाई)

Maths Formula MCQ

1. प्रतिशत निकालने का सही सूत्र कौन सा है?

A) कुल मान ÷ प्राप्त मान × 100
B) प्राप्त मान ÷ कुल मान × 100
C) प्राप्त मान × कुल मान
D) कुल मान − प्राप्त मान

उत्तर: B) प्राप्त मान ÷ कुल मान × 100

हल:
प्रतिशत = (प्राप्त मान ÷ कुल मान) × 100

उदाहरण:
500 में से 400 अंक प्राप्त हुए।

प्रतिशत = (400 ÷ 500) × 100 = 80%


2. 20% का दशमलव रूप क्या होगा?

A) 0.02
B) 0.2
C) 2
D) 20

उत्तर: B) 0.2

हल:
20% = 20 ÷ 100 = 0.2


3. आयत का क्षेत्रफल किसके बराबर होता है?

A) भुजा × भुजा
B) 2 × लंबाई × चौड़ाई
C) लंबाई × चौड़ाई
D) 4 × लंबाई

उत्तर: C) लंबाई × चौड़ाई

हल:
आयत का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई

उदाहरण:
लंबाई = 10 सेमी, चौड़ाई = 5 सेमी

क्षेत्रफल = 10 × 5 = 50 वर्ग सेमी


4. चाल का सूत्र क्या है?

A) समय × दूरी
B) दूरी ÷ समय
C) समय ÷ दूरी
D) दूरी + समय

उत्तर: B) दूरी ÷ समय

हल:
चाल = दूरी ÷ समय

उदाहरण:
दूरी = 120 किमी, समय = 2 घंटे

चाल = 120 ÷ 2 = 60 किमी/घंटा


5. वर्ग का क्षेत्रफल क्या होगा?

A) 2a
B) 4a
C) a²
D) a³

उत्तर: C) a²

हल:
वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा × भुजा =

उदाहरण:
भुजा = 6 सेमी

क्षेत्रफल = 6² = 36 वर्ग सेमी


6. साधारण ब्याज का सूत्र क्या है?

A) P + R + T
B) P × R × T / 100
C) P × R / T
D) P + R × T

उत्तर: B) P × R × T / 100

हल:
साधारण ब्याज = (P × R × T) ÷ 100

उदाहरण:
P = ₹5,000, R = 10%, T = 2 वर्ष

SI = (5000 × 10 × 2) ÷ 100 = ₹1,000


7. (a+b)² का सही रूप क्या है?

A) a²+b²
B) a²−2ab+b²
C) a²+2ab+b²
D) a²−b²

उत्तर: C) a²+2ab+b²

हल:

(a + b)² = a² + 2ab + b²

उदाहरण:
a = 2, b = 3

(2 + 3)² = 25

सूत्र से:
2² + 2(2)(3) + 3²
= 4 + 12 + 9
= 25


8. वृत्त का क्षेत्रफल क्या होता है?

A) 2πr
B) πr²
C) πd
D) r²/π

उत्तर: B) πr²

r = वृत्त की त्रिज्या

हल:
वृत्त का क्षेत्रफल = πr²

उदाहरण:
r = 7 सेमी, π = 22/7

क्षेत्रफल = 22/7 × 7 × 7 = 154 वर्ग सेमी


9. औसत निकालने का सूत्र क्या है?

A) कुल योग × संख्या
B) कुल योग ÷ संख्या
C) संख्या ÷ कुल योग
D) कुल योग − संख्या

उत्तर: B) कुल योग ÷ संख्या

हल:
औसत = कुल योग ÷ मानों की संख्या

या राशियों का योग / राशियों की संख्या

उदाहरण:
10, 20, 30 का औसत:

(10 + 20 + 30) ÷ 3
= 60 ÷ 3
= 20


10. लाभ किसके बराबर होता है?

A) क्रय मूल्य − विक्रय मूल्य
B) विक्रय मूल्य − क्रय मूल्य
C) क्रय मूल्य + विक्रय मूल्य
D) विक्रय मूल्य ÷ क्रय मूल्य

उत्तर: B) विक्रय मूल्य − क्रय मूल्य

विक्रय मूल्य = वस्तु का बेचा हुआ मूल्य

क्रय मूल्य = ख़रीदा हुआ मूल्य

हल:
लाभ = विक्रय मूल्य − क्रय मूल्य

उदाहरण:
क्रय मूल्य = ₹500
विक्रय मूल्य = ₹600

लाभ = 600 − 500 = ₹100

निष्कर्ष

गणित के जरूरी सूत्र याद होने से सवाल हल करने में समय बचता है और calculation में भी आसानी होती है। अगर आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इन सूत्रों को केवल याद करने के बजाय रोज कुछ सवालों में इस्तेमाल करें, इससे formulas लंबे समय तक याद रहते हैं।

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